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विधान परिषद चुनाव: राजग ने 16 सीटें जीतीं, वाराणसी में सपा की बड़ी जीत

नई दिल्ली, भारत। चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए हुए चुनाव में राजग ने 16 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया है। विपक्षी आईएनडीआईए गठबंधन के खाते में नौ सीटें गईं। इन चुनावों में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में समाजवादी पार्टी ने शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जबकि महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास आघाड़ी ने तीन सीटें जीतकर सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनौती दी।

बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की सीटों के लिए 23 अक्टूबर को चुनाव कराए गए थे। परिणामों के अनुसार, सपा ने पांच सीटें हासिल कीं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) को दो सीटें मिलीं। कांग्रेस, राजद और जन सुराज पार्टी ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। बिहार में दो निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी चुनाव जीता।

वाराणसी में सपा उम्मीदवारों की शानदार जीत

वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के लालबिहारी यादव ने भाजपा उम्मीदवार डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों से हराया। लालबिहारी यादव को कुल 11,612 वोट मिले। पिछली बार के मुकाबले इस बार उनका प्रदर्शन बेहतर रहा।

पिछले चुनाव में लालबिहारी यादव को 7,766 मत मिले थे। वहीं, डॉ. प्रमोद मिश्रा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ते हुए 6,830 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के बावजूद वह जीत दर्ज नहीं कर सके।

स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष ने भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 19,932 मतों से हराया। आशुतोष को 55,046 वोट मिले, जबकि केदारनाथ सिंह को 35,114 मत प्राप्त हुए।

2020 के चुनाव में दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 3,850 वोट था। इस बार यह बढ़कर लगभग 20 हजार मतों तक पहुंच गया। दोनों सीटों पर जीत से वाराणसी में सपा की स्थिति मजबूत दिखाई दी।

महाराष्ट्र में एमवीए ने दर्ज की तीन जीत

महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास आघाड़ी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की। इससे सत्तारूढ़ महायुति को राजनीतिक झटका लगा। हालांकि, महायुति दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज करने में सफल रही।

नागपुर में कांग्रेस ने अपनी सीट बरकरार रखी। चुनाव के समग्र परिणामों में राजग सबसे आगे रहा, जबकि विपक्षी दलों ने भी कई क्षेत्रों में जीत हासिल की। इन नतीजों ने चारों राज्यों में विधान परिषद की राजनीति को लेकर अलग-अलग तस्वीर पेश की है।

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