Mother’s Day के मौके पर इस बार बच्चे अपनी मम्मी को एक अनोखा और दिल छू लेने वाला सरप्राइज दे सकते हैं—‘नॉन-फायर कुकिंग’। यानी बिना गैस जलाए तैयार होने वाली स्वादिष्ट और पौष्टिक डिशेज। गर्मियों के मौसम और बढ़ती गैस की चिंता के बीच यह तरीका न केवल सुरक्षित है, बल्कि बच्चों के लिए सीखने और आत्मनिर्भर बनने का भी शानदार माध्यम बनता जा रहा है।
आजकल स्कूलों में भी बच्चों को नॉन-फायर कुकिंग सिखाई जा रही है। इसी कड़ी में कई बच्चे घर पर भी इसे अपनाकर अपनी मम्मी को खास महसूस करा रहे हैं। सैंडविच, फ्रूट चाट, स्प्राउट्स सलाद, सत्तू शरबत और ठंडे शेक जैसी कई चीजें आसानी से बिना आग के तैयार की जा सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नॉन-फायर कुकिंग बच्चों में आत्मनिर्भरता विकसित करती है। यदि घर में किसी कारणवश खाना बनाने की सुविधा न हो, तो बच्चे खुद अपने लिए हेल्दी फूड तैयार कर सकते हैं। यह आदत आगे चलकर हॉस्टल या अकेले रहने के दौरान भी बेहद काम आती है।
स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह तरीका फायदेमंद है। इसमें ताजे फल, कच्ची सब्जियां, दही, अंकुरित अनाज और ड्राई फ्रूट्स का अधिक उपयोग होता है, जिससे शरीर को भरपूर पोषण मिलता है। साथ ही बच्चे जंक फूड की बजाय हेल्दी विकल्पों की ओर आकर्षित होते हैं।
सुरक्षा के लिहाज से भी यह कुकिंग सबसे बेहतर मानी जाती है। छोटे बच्चों के लिए गैस, गर्म बर्तन या तेल से दूर रहना जरूरी होता है। ऐसे में नॉन-फायर कुकिंग उन्हें बिना किसी खतरे के रसोई में प्रयोग करने का मौका देती है।
इतना ही नहीं, यह बच्चों की रचनात्मकता को भी बढ़ावा देती है। फल और सब्जियों से अलग-अलग डिज़ाइन बनाना, सैंडविच को सजाना या प्लेट को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना बच्चों की कल्पनाशक्ति को नई उड़ान देता है।
इस Mother’s Day पर अगर बच्चे अपनी मम्मी के लिए प्यार से एक छोटी-सी डिश भी तैयार करते हैं, तो यह उनके लिए किसी महंगे तोहफे से कम नहीं होगा। यह छोटा-सा प्रयास रिश्तों में मिठास घोलने के साथ-साथ बच्चों को जिम्मेदारी और आत्मविश्वास भी सिखाता है।
ऐसे में इस बार का मदर्स डे सिर्फ गिफ्ट तक सीमित न रखकर, बच्चों के हाथों से बने स्वाद और प्यार से खास बनाया जा सकता है।











