Home » राष्ट्रीय » केरल का नाम अब आधिकारिक तौर पर केरलम, गृह मंत्रालय ने जारी की गजट अधिसूचना

केरल का नाम अब आधिकारिक तौर पर केरलम, गृह मंत्रालय ने जारी की गजट अधिसूचना

नई दिल्ली, दिल्ली। केरल का नाम अब आधिकारिक तौर पर ‘केरलम' हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने को इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना के साथ ही केरल (नाम परिवर्तन) अधिनियम, 2026 लागू हो गया और राज्य के नाम में बदलाव को कानूनी रूप से प्रभावी कर दिया गया।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने केरल (नाम परिवर्तन) अधिनियम, 2026 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए 25 अगस्त, 2026 को वह तारीख निर्धारित किया है, जिस दिन से अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। इसके साथ ही केरल राज्य को अब आधिकारिक रूप से केरलम राज्य के नाम से जाना जाएगा।

केरल के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया संसद, राष्ट्रपति और राज्य विधानसभा के स्तर पर विभिन्न संवैधानिक चरणों से होकर गुजरी। इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केरल का नाम बदलकर केरलम करने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन गया।

इससे पहले लोकसभा ने 11 अगस्त को केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक पारित किया था। इसके बाद 12 अगस्त को राज्यसभा ने भी विधेयक को मंजूरी दे दी थी। संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने से नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हो गई।

केरल सरकार की ओर से राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव वर्ष 2024 में केंद्र सरकार को भेजा गया था। केरल विधानसभा ने इस संबंध में प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र से राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के लिए आवश्यक कानून लाने का आग्रह किया था। जून 2024 में राज्य सरकार ने विधानसभा के प्रस्ताव को केंद्र के पास भेज दिया था।

राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नाम परिवर्तन विधेयक पर जानकारी देते हुए कहा था कि विधेयक में केरल राज्य को केरलम राज्य के नाम से जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा था कि राज्य विधानसभा की ओर से केंद्र से नाम परिवर्तन के लिए कानून बनाने का अनुरोध किया गया था।

नाम परिवर्तन विधेयक को राष्ट्रपति की ओर से केरल विधानसभा के पास उसकी राय लेने के लिए भी भेजा गया था। इसके बाद विधानसभा ने विधेयक से सहमति जताते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।

गृह मंत्रालय की ताजा अधिसूचना के बाद अब यह बदलाव पूरी तरह आधिकारिक हो गया है। हालांकि सरकारी विभागों, प्रशासनिक रिकॉर्ड, दस्तावेजों, पत्राचार और अन्य औपचारिक माध्यमों में नए नाम के व्यापक उपयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

केरल को स्थानीय और भाषाई संदर्भ में लंबे समय से केरलम कहा जाता रहा है। अब केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद यही नाम राज्य की आधिकारिक पहचान का हिस्सा बन गया है। 25 अगस्त, 2026 से प्रभावी इस बदलाव के बाद देश का दक्षिणी राज्य अब आधिकारिक तौर पर केरलम के नाम से जाना जाएगा।

संबंधित समाचार

‘पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करेगा भारत', स्वदेशी रक्षा उत्पादन की रफ्तार को सराहा By Digital Desk Edited By: Jeet Kumar Published: Sun, 11 Oct 2026 02:10 AM (GMT+05:30) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026' में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। preferred source google रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर HighLights रक्षा मंत्री ने स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की आवश्यकता पर दिया जोर कहा- तकनीकी विकास के साथ तेजी से बदल रही युद्ध की प्रकृति जागरण संवाददाता, जोधपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026' में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास के साथ आधुनिक युद्ध की प्रकृति तेजी से बदल रही है और भविष्य की सैन्य क्षमताएं केवल हथियारों की संख्या से नहीं, बल्कि गति, सटीकता, सूचना और समन्वय से निर्धारित होंगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करने के साथ-साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और स्वदेशी विमान इंजनों के विकास की दिशा में भी काम कर रहा है। गौरतलब है कि स्टील्थ विमान को दुश्मन के रडार की पकड़ में आने से बचाने के लिए विशेष तकनीक से बनाया जाता है। सरल शब्दों में इसे अदृश्य विमान भी कहा जाता है, हालांकि, यह पूरी तरह अदृश्य नहीं होता, बल्कि रडार की स्क्रीन पर इसका सिग्नेचर बहुत छोटा होता है हवाई युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर की टीम ने शानदार हवाई करतबों का प्रदर्शन किया।

E-Paper image 2